Tuesday, 22 September 2015

मोहब्बत की मिसाल हो तो ऐसी हो

मोहब्बत की मिसाल हो तो ऐसी हो कही ना कभी ना ,किसी ने सुनी हो बेवफ़ा , अगर दिल तोड़ भी जाये तो दिल से दुआ निकले , उसको कही ज़ख्म ना हो माना की वो मतलबी था मतलब निकाल गया पर हमे तो वो सच्ची मोहब्बत करना सीखा गया

यु अश्क ना बहाया ना करो

यु अश्क ना बहाया ना करो दिल के जख्म हरे हो जाते है यु ख्वाबो मे ना आया करो दिल के सोये अरमां मचल जाते है तुम्हारी जिद दर्दे दिल बढाती है जिन्दगी गम के दरिया म तब्दीले हो जाती है

अपनी आंखो मे समंदर समाये बैठे है

अपनी आंखो मे समंदर समाये बैठे है आशिक की मोहब्बत को जिन्दगी बनाये बैठे है गर महबूब मोहब्बत को न पा सके जिन्दगी लुटाने का मन आपकी सौ बनाये बैठे है