- बहुत देखा है ज़िन्दगी में समझदार बनकर पर ख़ुशी हमेशा पागल बनकर ही मिली है।
- दो चार लफ्ज प्यार के लेके मैं क्या करू…”देनी है तो…” वफ़ा की मुकम्मल किताब दे “
- क्रोध आने पर चिल्लाने के लिए ताकत नहीं लगती बल्कि शांत होकर चुप रहने में लगती है।
- ये तो अच्छा है कि ” दिल ” सिर्फ सुनता है … अगर कहीं बोलता होता तो ” क़यामत ” आ जाती।।
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