Saturday, 28 May 2016

बिखरा वज़ूद, टूटे ख़्वाब, सुलगती तन्हाईयाँ …. कितने हसींन तोहफे दे जाती है ये अधूरी मोहब्बत।

  • बिखरा वज़ूद, टूटे ख़्वाब, सुलगती तन्हाईयाँ …. कितने हसींन तोहफे दे जाती है ये अधूरी मोहब्बत।
  • जरूरी तो बहुत है ईश्क जिन्दगी मे मगर … ये जानलेवा जरूरत भगवान किसी को न दें…

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