अमावस्या मे चाँदनी के दीदार की ख्वाहिश है धडकते हुये दिल को दीदारे यार की ख्वाहिश है मोहब्बत मे जवां दिल को महबूब के विश्वास की ख्वाहिश है तनहाईयो मे सहराओ को जेठ की मूसलाधार की ख्वाहिश है
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