जब कभी मै ये सोचता हू
तुम भी पास बहुत करीब हो दिल के
दूर बहुत दूर नही यहीं कहीं
मेरा नसीब हो दिल की धडकन हो
मेरी मोहब्बत हो दिल की आस प्यास
बहुत लाजवाब है चाहत तुम्हारी
मै आज भी हैरान हू
तुम दूर नही दिल के करीब हो
चाँदनी जैसे चाँद की दूर रहकर भी करीब है
मोहब्बत के मानिंद महबूब का नसीब है चाँदनी
जैसे आँखो को होती है मोहब्बत दीदारे यार से
अपने आप सहेजकर रखे बेशुमार कीमती अश्को के प्यार से
चाँद को कसम है तुम्हारी मोहब्बत की चाँदनी
तुम्हारे दिल की धडकन है तुम्हारी मोहब्बत चाँद
मोहब्बत मे दिल ही दिमाग यार होता है दिल ही दिल मे दिल को एतबार होता है
दिमाग रेस्टिग जोन मे होता है दिल को धडकनो का फैसला स्वीकार होता है
महबूबे मोहब्बत के प्यार को दिल से स्वीकार करते है
तुम्हारी कसम तुम्हारी मोहब्बत पे दिली धडकनो से एतबार करते है
मोहब्बत नही इबादते हुस्न सार करते है
रब है मोहब्बत मोहब्बत ही रब समझ प्यार बेशुमार करते है
Monday, 16 November 2015
मै सोचता हू जब कभी
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