Saturday, 21 November 2015

मोहब्बत का रिश्ता

रिश्तो मे मोहब्बत के लिये ये नजदिकियाँ जरूरी है
मोहब्बत रिश्तो मे कायम रहे इसके लिये लक्छमण रेखा भी जरूरी है
रिश्तो मे उम्मीद जरूरी है रिश्ते कायम रखने के लिये यार
चाहे हमारी उम्मीदे भले ही टूट जाये लेकिन मे मजबूती रहे सदा ही बरकरार
फलती फूलती रहे दिलो के दर्मिया मोहब्बत और यारी रहे बेशुमार

करते है परवाज परिन्दे

करते है परवाज परिन्दे
आजाद फिजा मे
मचलते है परिन्दे
आजाद फिजा मे
साँझ ढले लौटते है
परिन्दे
अपने जहाज पर
आजाद फिजा से

यु आर वेलकम

युआर वेलकम प्लीज
चाँदनी, चाँदनी रात मे
तुम्हारा हाथ होगा चाँदनी
मेरे हाथ मे चाँदनी रात मे
चाँद से टप टप टपकती है
शबनमी मोतियो की माला
चाँदनी चाँद से रात मे
दिल गार्डन गार्डन हो गया
चाँदनी, चाँदनी रात मे
तुमसे पाई मोहब्बत असीम
चाँदनी , चाँदनी रात मे
चाँदनी धरा पे आई
चाँदनी रात मे
चाँदनी फिजा मे छाई
चाँदनी रात मे
चाँदनी ने अमृत सागर मे
डुबकी आज लगाई
चाँदनी रात मे.......
जारी

मेरे महबूब से

मेरे महबूब से
वफा ए मोहब्बत
की उम्मीद अाज भी है
बरकरार
वो कोई परिन्दा नही
जो
पर पंख
निकलते ही भुला देता है
अपना आशियाना यार मेरे
यार मेरे, हो हो हो यार मेरे
हा यही प्यार है
जिन्दगी मे बहार है
उम्मीदो मोहब्बत पे कायम है ये जहां
बांकी बेकार है
यार मेरे यार मेरे यार मेरे

Thursday, 19 November 2015

तेरी मोहब्बत जिन्दगी है हमारी

तेरी मोहब्बत जिन्दगी है हमारी
मेरी महबूब जां से हमको प्यारी
सारे जमाने मे सबसे हंसी मोहब्बत हमारी
मोहब्बत ही है सनम जिन्दगी से प्यारी
महकती है फिजा तेरे सुरो से
चहकते है पंक्छि तेरी तान है
महकती है फिजा तेरी महक से
मेरे महबूब इन्तहा हो गयी है इन्तजार की
धडकनो को चाहत तेरे प्यार की
तेरी बेबसी वाकिफ हू मेरे यार
दिलो जां से सनम तुम्ही हो मेरा प्यार
मेरी जिन्दगी की आरजु है मोहब्बत तुम्हारी
तेरा रूठना एक दिन ले लेगा जां हमारी
ऐसे ना रूठो मसिका ए मोहब्बत हमारी
प्यार हमारा सिर्फ तेरे लिये
इकरार हमारा बस तेरे लिये
अहसास तुम्हारा बस मेरे लिये
धडकता है दिल बस तेरे लिये
तेरी मोहब्बत मे बीत जाये ये जिन्दगी
रब से है यही इल्तजां हमारी
ता उमर बनी रहे मोहब्बत हमारी
दिल की धडकनो मे बसी है मोहब्बत हमारी

तूही दर्दे दिल है सनम

तूही दर्दे दिल है सनम
दिली अहसास भी तूही है
धडकन है दिल की मेरे
एक चाहत एक प्यास भी तूही
मै जिस्म तूही रूह पिया
तुझ बिन धडके कैसे जिया
तुझ बिन लागे न मोरा हिया
अब तो आजा बलम परदेशियाँ
ऐक तेरी मोहब्बत मे धडके जिया
अब तो आजा बलम परदेशियाँ
तुझसे दूरी का अहसास हमको पिया
फिर भी न माने पागल हिया
तेरी चाहत तेरी मोहब्बत आरजुये जिन्दगी
तेरी उल्फत बनी सबब ए मोहब्बत

Tuesday, 17 November 2015

जर्रे जर्रे मे चाँदनी का नूर है मेरी मोहब्बत है चाँदनी दिल का गुरूर है

जर्रे जर्रे मे मेरी मोहब्बत का नूर है समाया
लहू के कतरे कतरे से महबूब का नाम आया
कायनात की हरेक शंय मे दीदारे यार किया
अपनी जान से भी ज्यादा मैने प्यार किया है

तेरी मुस्कुराहट

आपकी मुसकुराहट यार दिल से प्यारी है
आँखो से अश्को की दुश्मनी सदियो से जारी है
मोहब्बत और जंग मे सब कुछ जायज है जुमला भारी है
आपसे दूर रहना जैसे दिल से धडकन हो दूर आपकी कसम हमारी लाचारी है

दिल क्यो उदास है

दिल क्यो उदास है
चाँद भी पास है
शबनमी मोती बरस रहे तेरे अंगना
दिल की हरेक धडकन पे तेरा नाम है
तुझे मोहब्बत भरा पैगाम है
चाँदनी आई तेरे अंगना
करीब हो फिर ये तडपन कैसी
बढी हुइ दिल की धडकन कैसी
जिन्दगी की पुकार सुन
अकेले है द्वार जिन्दगी पुकारे मेरे सजना
दिल की धडकन बनी चाहत तेरी
अब तो आजा सजन मेरे अंगना
तूही लय है जिन्दगी की
तूही जिन्दगी की तान है
तूही महबूबे मोहब्बत
तुही मेरे पृान है
तूही दर्दे दिल सनम
तूही दर्दे का मरहम
तूही आरजुये मोहब्बत
तूही औशध रामबान है
दीदारे यार मे
बसत मेरी जान है
सात सुरो की अरदास
बच जाये मेरी जान

Monday, 16 November 2015

शबनमी सिन्गार

अमावस्या की स्याह रात चाँदनी का दीदार
जैसे पतझड के मौसम मे बसंतो बहार
जैसे चाँद से बरसती मादक हाला बेशुमार
जैसे सुबहो की पहली किरण
जैसे रति धरा पे आई कर सोलह सिन्गार
लबो से टप टप टपकती हुई अमृत की धार
चाँदनी धरा पे कर शबनमी सिन्गार

अमावस्या

अमावस्या मे चाँदनी के दीदार की ख्वाहिश है
धडकते हुये दिल को दीदारे यार की ख्वाहिश है
मोहब्बत मे जवां दिल को महबूब के विश्वास की ख्वाहिश है
तनहाईयो मे सहराओ को जेठ की मूसलाधार की ख्वाहिश है

मै सोचता हू जब कभी

जब कभी मै ये सोचता हू
तुम भी पास बहुत करीब हो दिल के
दूर बहुत दूर नही यहीं कहीं
मेरा नसीब हो दिल की धडकन हो
मेरी मोहब्बत हो दिल की आस प्यास
बहुत लाजवाब है चाहत तुम्हारी
मै आज भी हैरान हू
तुम दूर नही दिल के करीब हो
चाँदनी जैसे चाँद की दूर रहकर भी करीब है
मोहब्बत के मानिंद महबूब का नसीब है चाँदनी
जैसे आँखो को होती है मोहब्बत दीदारे यार से
अपने आप सहेजकर रखे बेशुमार कीमती अश्को के प्यार से
चाँद को कसम है तुम्हारी मोहब्बत की चाँदनी
तुम्हारे दिल की धडकन है तुम्हारी मोहब्बत चाँद
मोहब्बत मे दिल ही दिमाग यार होता है दिल ही दिल मे दिल को एतबार होता है
दिमाग रेस्टिग जोन मे होता है दिल को धडकनो का फैसला स्वीकार होता है
महबूबे मोहब्बत के प्यार को दिल से स्वीकार करते है
तुम्हारी कसम तुम्हारी मोहब्बत पे दिली धडकनो से एतबार करते है
मोहब्बत नही इबादते हुस्न सार करते है
रब है मोहब्बत मोहब्बत ही रब समझ प्यार बेशुमार करते है

दीदारे यार

रोज खाब मे चाँदनी दीदार करता हू
रोज अपनी ख्वाबगाह मे इन्तजार करता हू
ख्वाहिशे दिल मे तमाम लियो
उम्मीदो का कारवां बदस्तूर जवाँ
चाँदनी से पहले महक आती है ख्वाब मे
जैसे जनन्त की हूर कोई चाँदनी रात मे
मरमरी जिस्म की मलिका महबूबे मोहब्बत चाँदनी
दीदारे यार से जवां होती है धडकने दिल को
दिल उछलकर बाहर आने को बेकरार
बेचेन उमंगो का महबूब को सजदा बार बार
दिल को करार आता है चाँदनी तेरे दीदार से
जैसे कारवां ने पाई ठौर आज की
तेरे नूर से रौशन है ये जहां
ये धरती ये आसमां
क्या तुम्ही मेरी मंजिल मेरा मुकाम हो
क्या तुम्ही मेरी जिन्दगी की पहली सुब आखिरी शाम हो
क्या तुम्ही मेरी मोहब्बत
जिन्दगी का पहला जाम हो
चाँदनी है जिन्दगी की शाम
भोर जिन्दगी की चाँदनी
आगाज चाँदनी है और अंजाम चाँदनी

दीप जलाओ

इस युक्ती से दीप जलाओ
चिराग तले अंधेरा मिटाओ
मन के सब भेदभाव भुलाकर
दुश्मन को भी गले आज लगाओ

रौशनियोत्सव दीपावली पर दीप जलाओ
दीप जलाओ दीप जलाओ आज दीवाली रे
सब मिल जुलकर मोहब्बत के नग्मे गाओ
खील बताशे और मिठाईयाँ सबको खिलाओ

दीपोत्सव

आज दीपोत्सव पे रौशन सारा जहां है
जमी तो जमी यारो रौशनी से रौशन आसमां है
महर बरसेगी आज लक्छमी की पूरे होंगे दिली अरमान
खुशियो की ख्वाहिश करो पाओगे खुशिया अपार
लक्छमी खुद चलकर आज आयेगी मेरे महबूब तेरे द्वार
खुशियो की हरेक आज बधाई देगा
अमावस्या को भी मुकददर से चाँद दिखाइ देगा

चाँदनी से चाँद है

चाँदनी चाँद से है
हुस्न से मोहब्बत
दिल से जजबात है
महबूब से मुलाकात
ख्वाहिश से खुमारी है
महबूब जां से प्यारी

रौशनी भी चाँद से है
सितारो से नही
मोहब्बत चाँदनी से है
चाँद की चाँदनी से
फकत उसी चाँदनी से
हज्जारो से नही

तडप

तडप के देख किसी की मोहब्बत मे,
तो पता चलेगा कि इंतज़ार क्या होता है,
यु मिल जाए अगर महबूब बिना तडप के,
तो कैसे पता चले के प्यार क्या होता है…

चम्पा

ए चम्पा तेरी महक मेरे दिल को रास आई
तेरी कसम तेरी महक दिल मे मैने बसाइ
तेरा आँगन सूना हो जायेगा महक के बिना
फिर कोई ना आयेगा तेरे उपवन की सैर को

हमे दिली यकीं है तुझपे सनम

हमे यकी है तुझपे ना जाने क्यो
शायद मेरी मोहब्बत मे वो दम नही
ना जाने क्यो तेरी आँखो को अश्क भी स्वीकार नही
शायद तुम्हे दिल से हमसे प्यार नही
शायद तुम्हे मेरी मोहब्बत का एतबार नही
शायद मै तेरी जुल्फो मे अब तलक गिरफ्तार नही
शायद मै महबूबे मोहब्बत मे गुनाहगार नही
शायद तुमको हमसे प्यार नही
तेरी मोहब्बत पे एतबार सनम करता हू
मै दिल मे तुम रहती हो सदा
आइना ए दिल मे दीदारे यार करता हू
तेरी मोहब्बत है जिन्दगी हमारी
तेरी जुदाइ कयामत की रात है मेरे सनम
तेरी मोहब्बत की कसम जां से ज्यादा प्यार करते है हम
मोहब्बत मे दिल का रिश्ता सच्चा होता है एतबार करते है हम
तेरी मोहब्बत पे दिल से यकीं मेरे यार करता हू
तुम्हारी कसम मेरे सनम तेरी मोहब्बत की चाहत मे जीता हू मरता हू
दिल से इबादत मेरी सरकार करता हू
जितनी मोहब्बत चँदा को चाँदनी से है उससे भी ज्यादा तुमसे प्यार करता हू
जितनी मोहब्बत चकवा को चकवी से है उससे भी ज्यादा मोहब्बत तुमसे करता हू